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शर्माजी के शब्द बुढ़ापा राष्ट्र सर्वप्रथम पतझड़ बसंत वर्षा गौरवपूर्ण स्थान सामुहिक रूप से खुश रहें मानसम्मान तोवहआपकाअपमाननही किताबीदुनिया दिल से दिल तक हिंदी दिवस दूरियां चाहत हृदय से अपनाने से सब से प्रेम हादसाे सीने से वक़्त कहानी दर्द से द्रवित

Hindi से जवानी Quotes